AI अमेरिकी मुद्रास्फीति को केवल पाँच से दस वर्षों में ही नियंत्रित कर सकता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अगले पाँच से दस वर्षों की अवधि में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सहायक प्रभाव डाल सकती है, लेकिन यह कारक वर्तमान मौद्रिक नीति संबंधी निर्णयों की प्राथमिकता नहीं है। यह बात गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को फेडरल रिजर्व बैंक की अध्यक्ष मैरी डेली ने एक ब्लूमबर्ग टेक कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि ब्याज दरें निर्धारित करते समय फेडरल रिजर्व मुख्य रूप से 12 महीनों की समय-सीमा को ध्यान में रखता है। इसी कारण AI की दीर्घकालिक मुद्रास्फीति-रोधी क्षमता का फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सदस्यों के तात्कालिक निर्णयों पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है।
डेली ने कहा कि अब तक AI तकनीकों का अमेरिका में वर्तमान मुद्रास्फीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने सख्त व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ), तथा ईरान में लंबे समय से जारी युद्ध के कारण खाद्य और ऊर्जा लागत में हो रही निरंतर वृद्धि को देश में उपभोक्ता कीमतों में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण बताया। सैन फ्रांसिस्को फेड की प्रमुख ने जोर देकर कहा कि वैश्विक तेल कीमतों का ऊँचा स्तर अमेरिकी परिवारों के लिए ऊर्जा और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की लागत पर सबसे प्रत्यक्ष और शक्तिशाली दबाव डाल रहा है।
डिजिटलीकरण के आर्थिक प्रभाव का आकलन करते हुए डेली ने कहा कि फेड ने कुछ कंपनियों और आईटी क्षेत्रों में AI के कारण श्रम उत्पादकता में वृद्धि के स्थानीय प्रमाण देखे हैं, लेकिन ये बदलाव अभी तक पूरे अमेरिकी व्यापक अर्थव्यवस्था (मैक्रोइकोनॉमी) में संरचनात्मक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। इसके अलावा, वर्तमान में जनरेटिव AI का उपयोग कंपनियाँ मुख्यतः मौजूदा कर्मचारियों की सहायता और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कर रही हैं, न कि बड़े पैमाने पर उनकी जगह लेने के लिए। उनके अनुसार, AI से मिलने वाले पूर्ण उत्पादकता लाभ अंततः नई आर्थिक परिस्थितियाँ पैदा करेंगे, लेकिन इस प्रक्रिया में काफी लंबा समय लगेगा।